क्या आप जानना चाहते हैं कि संसद में अभी कौन‑से मुद्दे चर्चा में हैं? रॉयल खबरें पर हम आपको हर दिन की प्रमुख बातें लाते हैं, जिससे आप राजनीति से जुड़े रहे बिना किसी झंझट के।
पिछले हफ़्ते लोकसभा ने कई महत्त्वपूर्ण बिलों पर मतदान किया। सबसे ध्यान आकर्षित करने वाला था जल संरक्षण अधिनियम, जिसपर सभी पार्टियों की राय अलग‑अलग थी लेकिन अंत में बहुमत से पास हो गया। इस तरह के निर्णय सीधे हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी को प्रभावित करते हैं, इसलिए इसे समझना जरूरी है।
सत्र के दौरान सांसदों ने कई सवाल भी उठाए। प्रधानमंत्री से पूछे गये प्रश्नों में आर्थिक सुधार और कृषि नीति पर फोकस रहा। कुछ सवाल तेज़ी से हल हुए तो कुछ अभी चर्चा का हिस्सा बने हुए हैं। अगर आप किसी विशेष मुद्दे को ट्रैक करना चाहते हैं, तो हमारा टैग पेज ‘लोकसभा’ आपको सभी लिंक और अपडेट्स एक ही जगह देता है।
अब बात करते हैं कुछ प्रमुख बहसों की जो अभी चल रही हैं। स्वास्थ्य सेक्टर में नई बीमा योजना पर कई सांसदों ने सुधार का प्रस्ताव रखा, जबकि विरोधी दल इसे बजट में अनावश्यक खर्च कह रहा है। इस चर्चा से जुड़ी हर टिप्पणी और वोटिंग रिकॉर्ड यहाँ उपलब्ध है।
एक और बड़ी बात थी डिजिटल डिवाइड को घटाने के लिए नई पहल। सरकारी प्रतिनिधियों ने इंटरनेट कनेक्टिविटी बढ़ाने का प्रस्ताव रखा, जिससे दूरदराज़ क्षेत्रों में शिक्षा और रोजगार के अवसर सुधरेंगे। इस योजना की संभावनाओं पर विशेषज्ञों की राय भी हमने संकलित कर रखी है।
अगर आप पहली बार लोकसभा को फॉलो कर रहे हैं, तो यहाँ कुछ टिप्स मदद करेंगे। सबसे पहले, लाइव स्ट्रिमिंग देखने के लिए पार्लियामेंट की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएँ—वहां आपको हर सत्र का रीयल‑टाइम वीडियो मिलता है।
दूसरा, सवाल‑जवाब सत्रों को समझना आसान बनाता है जब आप MP की प्रोफ़ाइल देख लेते हैं। उनकी पार्टी affiliation, constituency और पिछले कार्यकाल के प्रमुख बिंदु जानने से आपके प्रश्न अधिक लक्षित हो सकते हैं।
तीसरा, हमारी ‘लोकसभा’ टैग पेज पर हर बड़े बिल का सारांश, मतदाता प्रभाव और टाइमलाइन मिलती है। इससे आप जल्दी से तय कर सकते हैं कि कौन‑सा मुद्दा आपके लिए सबसे महत्त्वपूर्ण है।
अंत में, याद रखें—राजनीति सिर्फ बड़े नेताओं की नहीं, बल्कि आपके वोट और आवाज़ की भी होती है। नियमित रूप से अपडेट पढ़कर आप अपने अधिकारों के बारे में जागरूक रह सकते हैं और बेहतर निर्णय ले सकते हैं। रॉयल खबरें पर बने रहें, हम आपको हर जरूरी ख़बर तुरंत देंगे।
असदुद्दीन ओवैसी द्वारा 18वीं लोकसभा में 'जय फिलिस्तीन' के नारे से विवाद उत्पन्न हुआ है। इस नारे पर भाजपा ने ओवैसी की अयोग्यता पर सवाल उठाए हैं और संविधान के अनुच्छेद 102 का हवाला दिया है। बीजेपी नेता अमित मालवीय ने ओवैसी के खिलाफ राष्ट्रपति को शिकायती पत्र भी भेजा है।