BPSC शिक्षक भर्ती परीक्षा 2024 परिणाम घोषित: कक्षा 1-5 और 6-8 के लिए जानें परिणाम

BPSC शिक्षक भर्ती परीक्षा परिणाम 2024: जानें आपको क्या करना है

बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने तब विदेश शिक्षण सेवा 3.0 का परिणाम घोषित कर दिया है। जो अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल हुए थे, वे अब अपने परिणाम आधिकारिक वेबसाइट bpsc.bih.nic.in पर देख सकते हैं। यह परीक्षा मूल रूप से मार्च 2024 के लिए निर्धारित की गई थी, लेकिन पेपर लीक हो जाने के कारण इसे स्थगित कर दिया गया और पुनः जुलाई 2024 में आयोजित किया गया।

इस बार की परीक्षा में कुल 2.75 लाख अभ्यर्थियों ने भाग लिया था और इनमे से 38,900 अभ्यर्थियों ने सफलता प्राप्त की है। कक्षा 6-8 (मिडिल स्कूल) के लिए 1,59,793 अभ्यर्थियों में से 16,989 ने परीक्षा पास की, जबकि कक्षा 1-5 (प्राथमिक स्कूल) के लिए 1,16,193 में से 21,911 अभ्यर्थियों ने सफलता प्राप्त की।

पदों की स्थिति

इस भर्त्ती प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य राज्य के विभिन्न विद्यालयों में कुल 84,581 शिक्षकों के पदों को भरना है। इनमें से 25,505 पद प्राथमिक विद्यालय शिक्षकों के लिए (कक्षा 1-5) हैं और 18,973 पद मिडिल स्कूल शिक्षकों (कक्षा 6-8) के लिए हैं। इसके अतिरिक्त, अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग के लिए 210 पद (कक्षा 1-5) और 126 पद मिडिल स्कूल शिक्षकों के लिए (कक्षा 6-10) हैं।

अभी भी 5,578 पद खाली पड़े हैं, जिनमें से 1,984 पद मिडिल स्कूल के लिए और 3,594 पद प्राथमिक विद्यालयों के लिए हैं। यह आवश्यकता दर्शाती है कि राज्य में छात्र-शिक्षक अनुपात को बेहतर बनाने के लिए और शिक्षकों की आवश्यकता है।

आगे की प्रक्रिया

चयनित अभ्यर्थियों के लिए अब इंटरव्यू और दस्तावेज़ सत्यापन की प्रक्रिया शुरू होगी। अंतिम चयन प्रक्रिया में अभ्यर्थियों की शैक्षिक योग्यता और सत्यापन अभियंतेमिला के विचार किये जाएंगे। जो अभ्यर्थी इस प्रक्रिया में सफल होंगे, उन्हें राज्य के विभिन्न स्कूलों में नियुक्ति दी जाएगी। इसका उद्देश्य शिक्षा प्रणाली को मजबूती देना और विभिन्न विद्यालयों में गुणवत्ता शिक्षा सुनिश्चित करना है।

कैसे देखें परिणाम?

  1. आधिकारिक वेबसाइट bpsc.bih.nic.in पर जाएं।
  2. BPSC टीआरई 3.0 परिणाम लिंक पर क्लिक करें।
  3. अपने लॉगिन क्रेडेंशियल दर्ज करें।
  4. सबमिट करें और पेज पर परिणाम प्रदर्शित होगा।
  5. अभ्यर्थी परिणाम देख सकते हैं, पृष्ठ डाउनलोड कर सकते हैं और भविष्य के संदर्भ के लिए एक हार्ड कॉपी रख सकते हैं।

इस कंपटिशनरी परीक्षा का परिणाम राज्य में शिक्षण सेवाओं के सुधार के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल शिक्षकों की गुणवत्ता बढ़ेगी बल्कि छात्रों को भी बेहतर शिक्षण प्राप्त होगा। इसके साथ ही, इस परीक्षा में आई परेशानियों और समस्याओं को देखते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए उपाय भी किए जा सकते हैं।

टिप्पणि (8)

  1. vikram singh
    vikram singh

    अरे भाई ये तो बिहार का नया बॉलीवुड ड्रामा है! पेपर लीक हुआ, फिर दोबारा परीक्षा, फिर 2.75 लाख अभ्यर्थी, फिर 38,900 उत्तीर्ण... ये क्या हो रहा है? ये तो बिहार के शिक्षण बाजार का बड़ा सर्कस है। जिनके पास पैसा है वो अपने बेटे को नौकरी दिला लेते हैं, बाकी लोग तो सिर्फ टिकट बुक करके घर लौट जाते हैं। ये नौकरी नहीं, जन्मजात अधिकार बन गई है।

  2. balamurugan kcetmca
    balamurugan kcetmca

    इस परिणाम को लेकर बहुत सारी बातें चर्चा में आ रही हैं लेकिन हमें इसके पीछे के संरचनात्मक मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए। जैसे कि बिहार में शिक्षकों की कमी का कारण केवल भर्ती नहीं है, बल्कि शिक्षकों का अनुपात, उनकी प्रशिक्षण योग्यता, और उनकी रोजगार सुरक्षा का अभाव है। अगर हम केवल अधिक शिक्षक भर्ती करेंगे लेकिन उन्हें सही ढंग से समर्थन नहीं देंगे तो ये सभी आंकड़े सिर्फ एक नकली उपलब्धि होंगे। हमें शिक्षकों के लिए एक स्थायी वातावरण बनाना होगा जहां वे अपना काम गर्व से कर सकें।

  3. Arpit Jain
    Arpit Jain

    परिणाम घोषित हो गया अब बस देखो कौन बैठा है इंटरव्यू में।

  4. Karan Raval
    Karan Raval

    हर एक उम्मीदवार जिसने इस परीक्षा में भाग लिया है वो एक बहादुर है क्योंकि ये देश में शिक्षक बनना एक बहुत बड़ा सपना है। जो लोग उत्तीर्ण हुए हैं उनका बहुत बहुत बधाई। और जो नहीं हुए उनके लिए भी कोई बात नहीं, अगली बार और बेहतर करो। शिक्षक बनना कोई रेस नहीं है ये तो एक सेवा है। हम सब मिलकर इन युवाओं को समर्थन दें।

  5. divya m.s
    divya m.s

    ये सब झूठ है। जो लोग पास हुए हैं वो अधिकारियों के बेटे या भाई हैं। पेपर लीक तो बस एक ढोंग था। असली भर्ती तो पहले से ही हो चुकी है। ये आंकड़े बनाए गए हैं ताकि जनता को ठगा जा सके। जब तक बिहार में लोगों को नौकरी मिलती है तब तक ये सिस्टम बना रहेगा। इसे बदलने के लिए आंदोलन चलाना होगा।

  6. PRATAP SINGH
    PRATAP SINGH

    अभ्यर्थियों की संख्या और उत्तीर्णता के आंकड़ों को देखते हुए, यह स्पष्ट है कि इस परीक्षा की विश्वसनीयता संदिग्ध है। एक अधिक विशिष्ट चयन प्रक्रिया की आवश्यकता है जो केवल अंकों के आधार पर नहीं, बल्कि शैक्षिक योग्यता, शिक्षण क्षमता और व्यक्तिगत विशेषताओं के आधार पर हो। वर्तमान व्यवस्था में एक अत्यधिक व्यापक और असमान दृष्टिकोण देखने को मिलता है जो शिक्षा की गुणवत्ता के लिए खतरा है।

  7. Akash Kumar
    Akash Kumar

    शिक्षा के क्षेत्र में यह एक महत्वपूर्ण मोड़ है। बिहार सरकार द्वारा इस भर्ती के माध्यम से शिक्षा के लिए एक नया मानक स्थापित किया गया है। यह प्रक्रिया राज्य के शिक्षण प्रणाली को सुदृढ़ करने का एक निरंतर प्रयास है। इसके साथ ही, इसके लिए अधिक संसाधन, नियमित निगरानी और शिक्षकों के लिए निरंतर प्रशिक्षण की आवश्यकता है। शिक्षा केवल भर्ती तक सीमित नहीं होनी चाहिए।

  8. Shankar V
    Shankar V

    पेपर लीक के बाद जुलाई में परीक्षा आयोजित करने का फैसला गलत था। अगर प्रश्न पत्र लीक हो चुका था तो पूरी प्रक्रिया रद्द होनी चाहिए थी। अब जो अभ्यर्थी उत्तीर्ण हुए हैं, उनमें से कितने वास्तविक रूप से योग्य हैं? यह एक विश्वसनीयता का सवाल है। और जो पद अभी खाली हैं, वो बिल्कुल भी उचित नहीं हैं। ये अनियमितताएं शिक्षा प्रणाली को अंततः नष्ट कर देंगी।

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