बेहद अहम वक्त पर टीम से बाहर हुए बेन सीयर्स
न्यूजीलैंड की क्रिकेट टीम को एक तगड़ा झटका लगा है। तेज गेंदबाज बेन सीयर्स न्यूजीलैंड क्रिकेट टीम से बाहर हो गए हैं और अब वह चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में नहीं खेल पाएंगे। यह घटना कराची में टीम के पहले ट्रेनिंग सेशन के दौरान घटी, जब सीयर्स की बाईं जांघ की मांसपेशी में चोट आ गई। स्कैन के बाद पता चला कि उनकी हैमस्ट्रिंग में मामूली टियर है, जिससे उबरने में कम से कम दो हफ्ते का समय लग सकता है।
चैंपियंस ट्रॉफी का शेड्यूल बेहद टाइट है, ऐसे में सीयर्स शायद भारत के खिलाफ होने वाले आखिरी ग्रुप मैच तक ही फिट हो पाते। इसी वजह से टीम मैनेजमेंट ने उन्हें बाहर करने का कठिन फैसला लिया। ये बेन सीयर्स के लिए बेहद निराशाजनक है, क्योंकि यह उनकी पहली बड़ी आईसीसी प्रतियोगिता होती। टीम के कोच गैरी स्टीड भी बोले, 'हम सब बेन के लिए बहुत दुखी हैं, इतनी मेहनत और तैयारी के बावजूद अंतिम समय में टीम से बाहर होना किसी भी खिलाड़ी के लिए मुश्किल होता है।'
जैकब डफी को मौका—टीम में नया जोश
अब टीम में बेन सीयर्स की जगह जैकब डफी को शामिल किया गया है। डफी इस समय पाकिस्तान में चल रही त्रिकोणी सीरीज के लिए स्क्वाड का हिस्सा हैं, इसलिए टीम के पास उनके अनुभव का फायदा मिलेगा। 30 वर्षीय जैकब डफी ने अभी तक 10 वनडे खेले हैं जिसमें उन्होंने 18 विकेट हासिल किए और उनका इकॉनमी रेट 6.25 रहा है। ऐसे में न्यूजीलैंड के गेंदबाजी विभाग में विविधता बनी रहेगी।
अगर न्यूजीलैंड के बॉलिंग आक्रमण की बात करें, तो डफी के अलावा अनुभवी मैट हेनरी और लॉकी फर्ग्यूसन जैसे गेंदबाज टीम को मजबूती देते हैं। स्पिन विभाग में टीम के पास मिशेल सैंटनर, रचिन रवींद्र और ग्लेन फिलिप्स जैसे विकल्प मौजूद हैं।
- बेन सीयर्स को पिछले ही महीने घुटने की चोट से उबरकर वनडे डेब्यू करने का मौका मिला था।
- इस टूर्नामेंट में उनका पहला बड़ा मौका था, लेकिन दुर्भाग्य से वो अनफिट हो गए।
- डफी के पास अनुभव भी है और अभी वे फॉर्म में भी नजर आ रहे हैं।
- न्यूजीलैंड को चैंपियंस ट्रॉफी में पहला मैच कुछ ही दिनों में खेलना है, ऐसे में स्क्वाड में तुरंत बदलाव करना जरूरी हो गया था।
दर्शकों की नजर अब इस बात पर टिकी रहेगी कि क्या जैकब डफी अपने प्रदर्शन से टीम को मजबूत बना पाएंगे या नहीं। न्यूजीलैंड के फैन्स को भरोसा है कि तगड़ा पेस अटैक और अनुभवी स्पिनर्स किसी भी चुनौती से निपटने में सक्षम हैं।
ये चोट तो बहुत बुरी लगी... बेन के लिए तो ये सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, पूरी मेहनत का अंजाम था। लेकिन अब जैकब डफी को मिला मौका, और ये तो नया जोश है। क्रिकेट में ऐसे ही मोड़ बनते हैं - जो बाहर हो गया, वो वापस आएगा। जो अंदर आया, वो अपना नाम छोड़ जाएगा।
डफी का इकॉनमी रेट 6.25 है? ये तो बहुत अच्छा है। न्यूजीलैंड को अभी बॉलिंग बैलेंस की जरूरत है, और उनकी एक्सपीरियंस बहुत काम आएगी। अगर वो फर्स्ट मैच में बारिश के बाद डेड टैक्टिक्स लगा दें, तो भारत के लिए बड़ी समस्या बन जाएगी।
ben siers ki jaga jacob duffy aaya? yeh toh bhaiya ji ka koi naam hi nahi hai… kya yeh india ka koi player hai? koi bhi nahi jaanta isko… bas ek random naam lga diya gya hai
ये सब बहुत सुंदर लगता है… लेकिन क्या आपने कभी सोचा कि ये चोट बिल्कुल भी अकस्मात नहीं है? ये टीम का एक बड़ा ट्रांसफॉर्मेशनल ब्लफ है। बेन को बाहर करके एक नए नाम को बढ़ावा देने का नाटक हो रहा है। डफी तो बस एक नाम है - एक जिसका रिकॉर्ड अभी तक किसी ने नहीं देखा।
ये टीम रिस्क मैनेजमेंट बिल्कुल फेल हो रही है! बेन को रिकवरी प्रोग्राम नहीं देखा गया? एक ही चोट के बाद टीम से बाहर? ये जैकब डफी तो एक एक्सपीरियंस्ड पेसर है - लेकिन उसकी बॉलिंग एंगल और स्पीड वेरिएशन का एनालिसिस किया गया है? नहीं! ये बस एक रिप्लेसमेंट है, न कि स्ट्रैटेजिक इंटेग्रेशन! टीम को डेटा-ड्रिवन डिसीजन लेनी चाहिए, न कि इमोशनल डिसीजन!
डफी को मौका मिला? ये तो बेन के लिए अपमान है! एक ऐसा खिलाड़ी जिसने लगातार बेस्ट परफॉर्मेंस दी है, उसे बाहर कर दिया जा रहा है? ये टीम मैनेजमेंट बस नाम बदलने के लिए जिंदा है। अगर डफी फर्स्ट मैच में 5 विकेट नहीं लेता, तो वो फिर से बाहर हो जाएगा। और फिर कौन जिम्मेदार होगा? कोच? या फिर वो जिसने बेन को बाहर किया?
बेन की चोट देखकर मुझे रोना आ गया 😭💔 डफी का नाम सुनकर लगा जैसे किसी ने अपने बेटे का नाम रख दिया हो… क्या ये टीम का नया ब्रांडिंग है? 🤔
अरे भाई, ये तो बस एक बदलाव है! बेन को चोट लगी, तो डफी को मौका मिला - ये तो खेल का नियम है। अब डफी को बस एक बार बॉल फेंकना है, और दुनिया उसे याद रखेगी। न्यूजीलैंड का पेस अटैक अभी तक बहुत जबरदस्त रहा है - अब ये बस एक नया नाम जोड़ रहा है। चलो देखते हैं कि कौन बनता है - नया हीरो या फिर बस एक नाम?
डफी को बहुत बहुत शुभकामनाएं!!! 🙌❤️ ये तो उसकी पहली बड़ी टूर्नामेंट है… और वो तो बहुत अच्छा खिलाड़ी है! अगर वो बारिश के बाद बारिश के मैच में बॉल फेंकता है, तो वो चैंपियंस ट्रॉफी का हीरो बन जाएगा!!
ये बात दिलचस्प है - बेन सीयर्स को चोट के बाद बाहर किया गया, लेकिन उनकी रिकवरी टाइमलाइन के बारे में कोई आधिकारिक डेटा नहीं दिया गया। क्या टीम ने इसे एक स्ट्रैटेजिक रिस्क बनाया? क्या डफी को चुनने का फैसला सिर्फ फिटनेस नहीं, बल्कि टीम डायनामिक्स और बॉलिंग बैलेंस के आधार पर लिया गया? अगर हाँ, तो ये बहुत स्मार्ट है।
बेन सीयर्स के लिए ये निश्चित रूप से दुखद है, लेकिन टीम के लिए ये फैसला उचित है। डफी का रिकॉर्ड बहुत मजबूत है - 18 विकेट और 6.25 का इकॉनमी रेट एक वनडे गेंदबाज के लिए बहुत अच्छा है। न्यूजीलैंड के पास अब एक बेहतरीन बॉलिंग लाइनअप है, और डफी इसमें बहुत अच्छा फिट होगा।
इस टीम का नेतृत्व बेकार है। एक खिलाड़ी को चोट के बाद तुरंत बाहर कर देना - ये नहीं कि वो फिट हो गया तो वापस आएगा, बल्कि ये दिखाने के लिए कि टीम के पास कोई लंबी योजना नहीं है। डफी का नाम लेकर भी कोई बात नहीं बदलती - ये सिर्फ एक बदलाव है, न कि एक सुधार।
ben ki jaga jacob aaya? yeh toh bhai sahab, ek naya josh hai… bas dekhna hai ki kya yeh josh dhera dhera ho jayega ya phir fire ban jayega. main toh bolta hu, jacob ki bowling style kaafi unique hai - thoda slow, thoda cut, thoda bounce… yeh toh pitch ke hisaab se kaam karega. chalo dekhte hain, kya ye ladka india ke khilaf 4 wickets le paata hai?
क्रिकेट में बदलाव कभी-कभी भाग्य का खेल होता है। बेन की चोट दुखद है, लेकिन जैकब डफी का चयन न्यूजीलैंड के लिए एक संस्कृति का प्रतीक है - जहाँ नए नामों को अवसर मिलता है। ये वो जगह है जहाँ एक गेंदबाज की आवाज़ बिना नाम के भी सुनी जाती है। अगर डफी एक मैच में तीन विकेट ले लेता है, तो उसका नाम न्यूजीलैंड के इतिहास में दर्ज हो जाएगा। और ये तो बहुत बड़ी बात है।