मैनचेस्टर यूनाइटेड की विवादास्पद जीत
मैनचेस्टर यूनाइटेड ने एफए कप में लीसेस्टर सिटी के खिलाफ 2-1 की रोमांचक जीत दर्ज की। फरवरी 7, 2025 को ओल्ड ट्रैफर्ड में हुए मैच में, लीसेस्टर सिटी ने 42वें मिनट में बॉबी डी कॉर्डोवा-रीड के गोल से बढ़त हासिल की। हालांकि, खेल का रुख तब बदला जब मैनचेस्टर ने अलेजैंड्रो गारनाचो और जोशुआ जर्क्जी के माध्यम से मैच में वापसी की।
जर्क्जी ने 68वें मिनट में बराबरी का गोल किया, जिसे गारनाचो के प्रभावशाली हाफटाइम इंट्रोडक्शन का श्रेय दिया जा सकता है। अंततः, हैरी मैग्वायर के 93वें मिनट में ब्रूनो फर्नांडीस की फ्री-किक से किए गए हैडर ने मैच को यूनाइटेड के पक्ष में कर दिया। हालांकि, यह गोल विवाद का कारण बन गया क्योंकि इसे ऑफसाइड माना जा रहा था और वीएआर समीक्षा की अनुपस्थिति के कारण इस पर निर्णय नहीं लिया जा सका।
रुड वैन निस्टलरॉय की प्रतिक्रिया
लीसेस्टर के मैनेजर रुड वैन निस्टलरॉय, जो पहले खुद मैनचेस्टर यूनाइटेड के स्ट्राइकर रह चुके हैं, ने इस निर्णय पर अपनी असहमति व्यक्त की। उन्होंने 'ऑफसाइड टाइम' का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें लगता है उनकी टीम अतिरिक्त समय की हकदार थी। यह हार उनके लिए काफी 'कठिन' रही।
यूनाइटेड के मैनेजर रुबेन अमोरिम ने पहले हाफ की गरीब प्रदर्शन की बात मानी लेकिन उन्होंने टीम की दूसरे हाफ की मेहनत और ऊर्जा की सराहना की।
मैनचेस्टर यूनाइटेड की यह जीत घरेलू मैदान पर उनकी आठ मैचों में तीसरी जीत रही, जबकि लीसेस्टर के कोच वैन निस्टलरॉय ने वीएआर के निर्णय पर सवाल उठाते हुए निष्पक्षता की कमी को उजागर किया।
ये वाला गोल? भाई ये तो ऑफसाइड का शाही नाटक है! वीएआर कहाँ था? ये फुटबॉल नहीं, बॉलीवुड ड्रामा है। जर्क्जी का गोल नहीं, बल्कि एक राजनीतिक फैसला था।
मैच का पहला हाफ बहुत बेकार रहा, लेकिन दूसरे हाफ में यूनाइटेड ने जो ऊर्जा दिखाई, वो असली टीम की निशानी है। गारनाचो का एंट्री बिल्कुल टाइमिंग पर था, उसने पूरी टीम को जगा दिया। फर्नांडीस की फ्री किक और मैग्वायर का हैडर तो फिल्मी सीन लग रहा था, लेकिन अगर वीएआर काम करता तो शायद हम आज अलग ही बात कर रहे होते। इस तरह के फैसले फुटबॉल की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाते हैं।
वीएआर का नाम लेकर भी नहीं चलेगा अब। ये सब धोखा है। जो जीतना चाहता है, वो नियम बदल देता है। यूनाइटेड को जीत चाहिए थी, लेकिन इस तरह नहीं।
हर टीम के लिए ये मैच अलग अलग बात है जो बहुत ज्यादा मायने रखता है लेकिन ये बात याद रखो कि फुटबॉल खेल है और खेल में जीत और हार दोनों होते हैं और इस बार यूनाइटेड ने अपनी लड़ाई जीत ली और लीसेस्टर के लिए अगला मैच बेहतर होगा
ये जीत बर्बरता है। ऑफसाइड का गोल गिना जाए? ये फुटबॉल नहीं, बल्कि एक अंग्रेजी षड्यंत्र है। वीएआर का अभाव? बेकार का झूठ! इस टीम को डिस्क्वालिफाई किया जाना चाहिए।
The tactical nuance of the second half was indeed commendable, though the officiating remains a glaring anomaly in the modern game. The lack of VAR integration in such a high-stakes scenario is statistically indefensible.
इस मैच का महत्व बस जीत-हार तक सीमित नहीं है। ये एक ऐसा पल है जहाँ खेल की नैतिकता और तकनीकी उपलब्धियों के बीच टकराव हुआ। लीसेस्टर के लिए ये हार दर्दनाक है, लेकिन उनका खेल गर्व की बात है।
ये सब तैयारी से हुआ है। वीएआर बंद कर देना एक योजना थी। ओल्ड ट्रैफर्ड के अंदर वहाँ एक बड़ा नेटवर्क है जो फैसलों को नियंत्रित करता है। गारनाचो का एंट्री भी बाहर से ऑर्डर किया गया था।
मैच तो बहुत बढ़िया रहा... पर वीएआर ने अच्छा काम नहीं किया... अरे यार ये तो ऑफसाइड था ही... अब क्या होगा? अगले दिन फिर यही बात होगी... क्या हम इसे भूल जाएंगे? क्या नहीं? ये तो बहुत बुरा है...
भारत की टीम भी ऐसे ही जीते तो दुनिया बोलती कि ये फेक है लेकिन यूनाइटेड जीत गई तो सब ने बधाई दे दी। ये द्वैतवाद है। हमारे खिलाफ नियम तोड़े जाते हैं और अंग्रेजों के खिलाफ नहीं।
हर टीम को अपनी लड़ाई लड़ने दो और फैसले को भी स्वीकार करो क्योंकि ये खेल है और खेल में कभी कोई भी नियम बिल्कुल सही नहीं होता लेकिन ये मैच दोनों टीमों के लिए यादगार रहेगा
The resilience displayed by Manchester United in the second half exemplifies the spirit of elite football. While the officiating controversy is regrettable, the team’s composure under pressure remains commendable.
फर्नांडीस का गोल? बस एक गलती है। वीएआर ने इसे देखा भी नहीं? ये फुटबॉल नहीं, बल्कि एक ब्रिटिश इम्पीरियल राजनीति है। और ये जीत? ये जीत नहीं, एक अपराध है।
गारनाचो ने बदलाव ला दिया था और फर्नांडीस की पासिंग तो बिल्कुल मास्टरस्ट्रोक थी। वीएआर की कमी तो एक बड़ी बात है लेकिन अब फोकस अगले मैच पर होना चाहिए क्योंकि ये टीम अभी बहुत ज्यादा एनर्जी में है
ये गोल ऑफसाइड था और ये फैसला बेकार था और वीएआर के बिना ये मैच अधूरा था और अगर ये गोल नहीं होता तो लीसेस्टर जीत जाता और अब ये सब बहस है और तुम सब बस इसी बात पर फोकस कर रहे हो जबकि गारनाचो ने तो असली जादू किया था
मैच तो बहुत शानदार रहा 😍 लेकिन वीएआर की कमी ने इसे थोड़ा खराब कर दिया 😔 लेकिन फिर भी यूनाइटेड की टीम ने अच्छा खेला 💪 और लीसेस्टर का खेल भी बहुत अच्छा था 🤝
अगर ये मैच भारत में होता तो लोग बोलते कि ये फेक है। लेकिन ये अंग्रेजी फुटबॉल है, तो सब कुछ ठीक है। इस तरह की द्वैतवादी सोच ही हमारी समस्या है।
खेल तो जीवन का एक आईना है। इस मैच में जीत और हार के बीच एक न्याय की खोज हो रही थी। वीएआर की कमी ने एक सवाल उठाया - क्या हम तकनीकी उपलब्धियों के बिना नैतिकता को समझ पाते हैं? शायद नहीं। लेकिन खेल जारी रहता है।
अरे यार ये तो बस एक और अंग्रेजी जाल है। वीएआर तो बंद है, लेकिन जो गोल गिना गया वो तो ऑफसाइड का शाही नाटक है। अब ये फुटबॉल नहीं, एक नाटक है।