बकरीद क्या है? आसान शब्दों में समझें

बकरीद, जिसे ईद‑उल‑अधा भी कहते हैं, हर साल मुस्लिम कैलेंडर के धू अल‑हिज्जा महीने की 10वीं तिथि को मनाया जाता है। यह त्यौहार अब्राहिम (इब्राहीम) के अपने बेटे इस्माइल को बलिदान करने की इच्छा पर आधारित है। भगवान ने एक बकरी भेजी, इसलिए इसे "बकरीद" कहा गया। आज यह दिन दया, भाई‑भाईचारा और गरीबों में बाँटने का प्रतीक माना जाता है।

मुख्य रस्में – क्या करना चाहिए?

सबसे पहले सुबह की नमाज़ पढ़ते हैं, फिर कुर्बानी के लिए बकरी या अन्य मांस के जानवर चुनते हैं। अगर आप घर में नहीं रख सकते तो स्थानीय मस्जिद या सरकारी व्यवस्था से भी करवाया जा सकता है। खून निकालने के बाद माँस को तीन भागों में बाँटा जाता है – एक हिस्सा खुद के खाने के लिये, दूसरा परिवार और तीसरा जरूरतमंदों के लिए। यह प्रक्रिया साफ‑सुथरी होनी चाहिए, इसलिए आजकल कई शहरों में लाइसेंस वाले कसाइयों से मदद ली जाती है।

बकरीद की तिथि 2025 में कब?

इस साल बकरीद 11 जुलाई को आएगी (धू अल‑हिज्जा 10)। चंद्र देखी के आधार पर तिथि बदल सकती है, इसलिए स्थानीय मुस्लिम संगठनों से अपडेट लेते रहें। कई बड़े शहरों में इस दिन विशेष मेले और खाद्य स्टॉल लगे रहते हैं – जहाँ लोग हलवे, सेवई, कबाब और अन्य पारम्परिक व्यंजनों का लुत्फ़ उठाते हैं।

बकरीद को सिर्फ धार्मिक नहीं बल्कि सामाजिक भी माना जाता है। कई गैर‑सरकारी संस्थाएँ इस अवसर पर गरीब बच्चों के स्कूल की फीस या अनाथालयों में भोजन प्रदान करती हैं। यदि आप मदद करना चाहते हैं तो स्थानीय चैरिटी से जुड़ सकते हैं, ताकि अधिक लोग इस खुशी में हिस्सा ले सकें।

घर में बकरीद मनाते समय साफ‑सफाई का ख़ास ध्यान रखें। मांस को सही तापमान पर स्टोर करें, और यदि किसी को एलर्जी या शाकाहारी है तो वैकल्पिक विकल्प जैसे पनीर या सब्ज़ी के कबाब तैयार कर सकते हैं। यह सभी को एक साथ खाने का मज़ा देता है और त्यौहार की खुशियों को बढ़ाता है।

आजकल सोशल मीडिया पर बकरीद से जुड़े वीडियो और रेसिपीज़ बहुत लोकप्रिय हैं। आप भी अपने परिवार की तैयारी, कुर्बानी प्रक्रिया या विशेष व्यंजन बनाकर साझा कर सकते हैं। इससे न सिर्फ आपका कंटेंट वायरल हो सकता है, बल्कि दूसरों को सही जानकारी भी मिलती है।

सारांश में कहा जाए तो बकरीद एक ऐसा त्यौहार है जो श्रद्धा, दान‑धर्म और सामाजिक जुड़ाव को जोड़ता है। 2025 में इस दिन को मनाने के लिए तिथि याद रखें, साफ़-सफ़ाई का ध्यान रखें और जरूरतमंदों को मदद करने की कोशिश करें। यह छोटे‑छोटे कदम बड़े बदलाव लाते हैं और हर बकरीद को खास बनाते हैं।

ईद-उल-अधा 2024: बकरीद के मौके पर शुभकामनाएं, संदेश और बधाई दें