हिंदुस्तान में हर साल कई रंगीन त्योहारी आते हैं। इनका मतलब सिर्फ छुट्टी नहीं, बल्कि संस्कृति, इतिहास और परिवार की मिठास है। अगर आप जानना चाहते हैं कि कौन‑से तिहारे कब होते हैं और उन्हें कैसे मनाएँ, तो ये लेख आपके लिये सही जगह है।
सबसे बड़ा उत्सव दिवाली है – दीपों का त्योहार। लोग घर साफ‑सुथरा करते हैं, मिट्टी के दीये जलाते हैं और मिठाई बांटते हैं। अगला है होली, रंगों का मेला जहाँ सब मिलकर गिले‑शिकवे भूल जाते हैं। नवरात्रि नौ रातें होती हैं, हर दिन अलग देवी की पूजा होती है और अंत में गरबा या डांडिया का झूला लगता है। रक्षा बंधन भाई‑बहन के रिश्ते को मजबूत करता है; बहन रक्षाबंधन की लड़ी बाँधती है और भाई उसकी सुरक्षा का वादा करता है। गणेश चतुर्थी में भगवान गणेश की मूर्ति स्थापित कर पूजा करते हैं, फिर जलाकर विसर्जन किया जाता है। इन सभी त्योहारी के पीछे पुरानी कथाएँ और आज भी चल रहे रिवाज़ होते हैं जो जनजीवन को खुशियों से भर देते हैं।
पहला कदम है समय पर कैलेंडर चेक करना। हर साल तिथि थोड़ी बदलती है, इसलिए स्थानीय पंचांग या भरोसेमंद ऐप देख लें। दूसरा, घर की सफ़ाई और सजावट में परिवार को शामिल करें – इससे सबको काम का बंटवारा हो जाता है और मज़ा भी बढ़ता है। तीसरा, रसोई में आसान व्यंजन रखें; जैसे हलवा, लड्डू या कचौरी जो जल्दी बन जाएँ लेकिन स्वादिष्ट हों। चौथा, स्वास्थ्य की देखभाल न भूलें – बहुत ज़्यादा मीठा या तले‑तला नहीं खाएँ, और बच्चों को भी सही मात्रा में खिलाएँ। पाँचवाँ, सामाजिक दूरी के नियम अगर लागू हों तो ऑनलाइन पूजा या वीडियो कॉन्फ्रेंस से बंधनों को बनाए रखें। ये छोटे‑छोटे कदम त्योहारी माहौल को सुरक्षित और यादगार बनाते हैं।
अंत में यह कहना चाहिए कि हिंदू त्यौहार सिर्फ धार्मिक रिवाज़ नहीं, बल्कि एकजुटता का संदेश देते हैं। चाहे आप बड़े शहर में रहें या गाँव में, इन तिहारों को अपनाएँ और अपने जीवन में खुशी के रंग भरें। रॉयल खबरें पर ऐसे ही रोचक जानकारी और अपडेट मिलते रहते हैं – पढ़ते रहिए, सीखते रहिए!
करवा चौथ एक महत्वपूर्ण हिन्दू त्यौहार है जिसे कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। इस अवसर पर विवाहित महिलाएं अपने पतियों की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए दिनभर उपवास रखती हैं। इस वर्ष करवा चौथ 2024 में 20 अक्टूबर को मनाई जाएगी। उपवास सूर्योदय से शुरू होकर चंद्रोदय तक होता है।