TCS के Q1 नतीजे: वित्तीय प्रदर्शन पर एक नजर
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने वित्तीय वर्ष 2024 की पहली तिमाही के नतीजे घोषित कर दिए हैं। कंपनी ने इस दौरान ₹12,040 करोड़ का शुद्ध लाभ दर्ज किया, जो कि पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 8.7% अधिक है। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी का शुद्ध लाभ ₹11,074 करोड़ था।
राजस्व में भी दर्ज की वृद्धि
कंपनी ने इस तिमाही में अपने राजस्व में भी वृद्धि दर्ज की है। TCS ने इस तिमाही में ₹62,613 करोड़ का राजस्व हासिल किया, जो कि 5.4% की वृद्धि दर्शाता है। हालांकि मार्च तिमाही की तुलना में शुद्ध लाभ में 3.1% की गिरावट आई है, लेकिन वार्षिक आधार पर इसे एक मजबूत प्रदर्शन माना जा रहा है।
नए वित्तीय वर्ष की मजबूत शुरुआत
TCS के CEO के. कृतिवसन ने कहा कि कंपनी ने नए वित्तीय वर्ष की मजबूत शुरुआत की है। विभिन्न उद्योगों और बाजारों में कंपनी का प्रदर्शन संतोषजनक रहा है। उन्होंने बताया कि कंपनी अपने ग्राहकों के साथ संबंधों को मजबूत कर रही है, नवाचार में निवेश कर रही है और उभरती तकनीकों में नई क्षमताओं का निर्माण कर रही है।
नवाचार और निवेश
कंपनी ने फ्रांस में एक नया AI-केंद्रित TCS PacePort, अमेरिका में एक IoT लैब, और लैटिन अमेरिका, कनाडा और यूरोप में अपने डिलीवरी केंद्रों का विस्तार किया है। ये सभी कदम कंपनी की नवाचार और विस्तारित क्षमता की दिशा में गंभीरता को दर्शाते हैं।
अंतरिम लाभांश और मार्जिन प्रदर्शन
TCS के बोर्ड ने ₹1 के प्रत्येक इक्विटी शेयर पर ₹10 का अंतरिम लाभांश घोषित किया है। कंपनी ने भी अपने वार्षिक वेतन में वृद्धि के बावजूद मजबूत परिचालन मार्जिन प्रदर्शन किया है, जोकि इसके परिचालन उत्कृष्टता के प्रयासों को पुष्टि करता है।
कर्मचारियों पर ध्यान और उच्च प्रतिधारण
कंपनी का फोकस कर्मचारी सगाई और विकास पर है, जिसने उद्योग में अग्रणी प्रतिधारण दर और मजबूत व्यवसाय प्रदर्शन को प्रेरित किया है। कंपनी ने तिमाही में शुद्ध हेडकाउंट में महत्वपूर्ण वृद्धि दर्ज की है, जो कि TCS के विकास और विस्तार के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
TCS के इस प्रदर्शन से स्पष्ट है कि कंपनी वित्तीय वर्ष 2024 की पहली तिमाही में एक मजबूत स्थिति में है और आने वाले दिनों में इसके प्रदर्शन में और वृद्धि की उम्मीद की जा सकती है। कंपनी का नवाचार और कर्मचारी विकास पर ध्यान इसे प्रतिस्पर्धा में आगे बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
अच्छा प्रदर्शन है। TCS हमेशा स्थिर रहती है। बस इतना ही कहना चाहती हूँ।
इस तरह के नतीजे देखकर लगता है कि भारतीय IT सेक्टर अभी भी दुनिया की टॉप लीग में है। TCS ने न सिर्फ राजस्व बढ़ाया है बल्कि नवाचार के लिए भी बड़े-बड़े निवेश किए हैं। AI सेंटर, IoT लैब, लैटिन अमेरिका में डिलीवरी सेंटर ये सब कुछ बस एक नंबर नहीं, बल्कि एक दृष्टि है। जब दूसरी कंपनियाँ सिर्फ कॉस्ट कटिंग पर ध्यान दे रही हैं, तो TCS भविष्य की नींव रख रही है। ये वो चीज है जिसकी हमें सराहना करनी चाहिए।
8.7% लाभ वृद्धि? ये तो बहुत कम है। ग्लोबल इन्फ्रास्ट्रक्चर और AI ट्रेंड्स के हिसाब से ये बहुत धीमा है। अगर आप अपने ग्राहकों को डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन के लिए बेच रहे हैं, तो आपको इस तरह के रिजल्ट्स के साथ नहीं रहना चाहिए। ये सिर्फ एक अच्छा नतीजा नहीं, ये एक असफलता का आवरण है।
TCS के इस प्रदर्शन को देखकर मुझे बहुत उम्मीद हुई कि हमारे देश की कंपनियाँ दुनिया के सामने खड़ी हो सकती हैं। और जब आप देखते हैं कि उन्होंने कर्मचारियों को भी बढ़ावा दिया है, तो ये सिर्फ फाइनेंशियल नहीं, ये मानवीय भी है। ये बात बहुत खास है।
बहुत अच्छा! जब एक कंपनी नवाचार और लोगों दोनों पर ध्यान देती है, तो ये लंबे समय तक चलती है। TCS का ये रास्ता देखकर लगता है कि ये सिर्फ एक IT कंपनी नहीं, बल्कि एक भविष्य निर्माता है। बधाई हो!
ये तो बस एक और रिपोर्ट है। जब तक कर्मचारियों को बढ़िया वेतन नहीं मिलता, तब तक ये सब बकवास है।
अरे यार, ये सब नतीजे तो बस बाजार के लिए हैं। असल में तो बहुत से एम्प्लॉयीज़ अभी भी 60 घंटे हफ्ते काम कर रहे हैं। इनका लाभ उनके नौकरी के लिए नहीं, बल्कि शेयरधारकों के लिए है। ये बहुत बुरा है।
क्या ये सब असली है? मुझे लगता है कि लाभ बढ़ाने के लिए कुछ चीजें बदल दी गई हैं। जैसे ग्राहकों को ज्यादा चार्ज करना। या फिर खर्च कम करना। लेकिन अगर ये अच्छा है तो तो बहुत अच्छा है।
TCS ने अब तक का सबसे बड़ा नाटक अदा कर दिया है! AI सेंटर? IoT लैब? ये सब तो बस बाजार में धुआं बिखेरने का तरीका है। असल में तो उनके डेटा सेंटर में अभी भी 2005 के सर्वर चल रहे हैं! ये नहीं बताते कि कितने एम्प्लॉयीज़ ने अपनी जिंदगी बर्बाद कर दी है इसके लिए। ये तो बस एक बड़ा ब्रांडिंग फेक है!
मैंने इस रिपोर्ट को बार-बार पढ़ा है। लाभ में 8.7% की वृद्धि तो अच्छी है, लेकिन अगर हम देखें कि ग्लोबल इंडस्ट्री में औसत 12-15% है, तो TCS पीछे रह गई है। इसके अलावा, उन्होंने फ्रांस में AI सेंटर बनाया है, लेकिन भारत में तो अभी भी बहुत सारे डेटा सेंटर बिना एसी के चल रहे हैं। ये विरोधाभास है। नवाचार के नाम पर जो बाहर दिखाया जा रहा है, वो अंदर तो बहुत अलग है। इस बात को भी देखना चाहिए।
अरे यार, ये सब नतीजे तो बस एक बड़े बाजार के लिए हैं। क्या आप जानते हैं कि जब TCS ने लाभ बढ़ाया, तो उन्होंने कर्मचारियों को बोनस नहीं दिया? बल्कि उन्होंने एक नया 'प्रोडक्टिविटी टूल' लॉन्च किया जो हर मिनट ट्रैक करता है। ये नवाचार नहीं, ये नियंत्रण है।
TCS के इस नतीजे से मुझे बहुत आशा हुई। जब कंपनियाँ कर्मचारियों को बढ़ावा देती हैं, तो वो देश के लिए भी अच्छा है। बस ये जारी रखें।
मैं इस रिपोर्ट को पढ़कर रो पड़ी। इतनी बड़ी कंपनी, इतना बड़ा लाभ, और फिर भी कर्मचारियों को नहीं बताया जा रहा कि उनका योगदान क्या है। ये तो बस एक बड़ा धोखा है।
TCS के नतीजे तो ठीक हैं, लेकिन इस तरह की कंपनियों को नियंत्रित करने के लिए सरकार को एक नया नियम बनाना चाहिए। जैसे कि लाभ का कम से कम 30% कर्मचारियों को देना अनिवार्य कर दें। वरना ये सब बस एक गैर-पारदर्शी अर्थव्यवस्था है।