भारत युवा ने पाकिस्तान को 90 रनों से हराया, यू-19 एशिया कप में शीर्ष स्थान पर

दुबई के आईसीसी अकादमी ग्राउंड पर रविवार को जब आखिरी गेंद गिरी, तो भारतीय युवा टीम के खिलाड़ियों ने एक दूसरे को गले लगाया, लेकिन पाकिस्तान के खिलाड़ियों की ओर से कोई हाथ नहीं बढ़ा। लगभग 6:13 बजे शाम को समाप्त हुए इस मैच में भारत युवा ने पाकिस्तान युवा को 150 रन पर गिरा दिया — 90 रनों की भारी जीत के साथ। ये जीत सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि दोनों टीमों के बीच चल रही राजनीति, भावनाओं और खेल के दबाव का एक जवाब थी।

भारत की बल्लेबाजी: एक नियोजित आक्रमण

जब भारत ने पहले बल्लेबाजी की, तो ओपनर Aaron George ने 85 रनों की शानदार पारी खेली — उनकी इस पारी में चार चौके और तीन छक्के शामिल थे। कप्तान Ayush Mhatre ने 25 गेंदों में 38 रन बनाए, जिसमें दूसरे ओवर में एक ओफसाइड बाउंड्री और मोहम्मद सय्यम की एक ऊपर की गेंद पर लगाया गया छक्का खास था। ऑलराउंडर Kanishk Chouhan ने 46 रन बनाए, जो टीम के लिए एक अहम आधार बने। भारत ने 240 रन का स्कोर खड़ा किया — यह स्कोर उनके पिछले दो दिन पहले यूएई के खिलाफ बनाए गए 433/6 के रिकॉर्ड के बाद एक और जबरदस्त प्रदर्शन था। उस मैच में 14 साल के Vaibhav Suryavanshi ने 95 गेंदों में 171 रन बनाए थे, जो यू-19 एशिया कप का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बन गया।

पाकिस्तान का गिरना: एक बार फिर बल्लेबाजी का असफल अभियान

पाकिस्तान की बल्लेबाजी एक निरंतर असफलता की कहानी थी। 17 ओवर तक पहुँचने पर वे 39/4 पर थे। 20 ओवर में 56/4 और 30 ओवर में 101/5 — ये स्कोर देखकर लगता था कि वे बस समय बर्बाद कर रहे हैं। जब वे 140 रन के लिए बाकी 7.2 ओवरों में सिर्फ एक विकेट बचाए हुए थे, तो उनकी रन रेट 11.37 तक चली गई। Deepesh Devendran और Kanishk Chouhan ने तीन-तीन विकेट लिए। चौहान ने पाकिस्तान के ओपनर उस्मान खान को अपनी पहली ही गेंद पर आउट किया — एक शानदार शुरुआत। अंतिम विकेट तो Kishan Kumar Singh ने लिया, जब उन्होंने अली रजा को कवर के पास Khilan Patel के हाथों में कैच दिला दिया।

मैच के बाद का दृश्य: हाथ नहीं, बस निगाहें

मैच के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने एक दूसरे को गले लगाया, तालियाँ बजाईं, झंडे लहराए। लेकिन पाकिस्तानी टीम के खिलाड़ियों ने किसी से हाथ नहीं मिलाया। यह दृश्य सिर्फ एक अनुशासन की कमी नहीं, बल्कि दो देशों के बीच एक गहरी भावनात्मक दूरी का प्रतीक है। हिंदुस्तान टाइम्स ने इसे रिपोर्ट किया, और यह बात टीमों के बीच के तनाव को दर्शाती है। इससे पहले नवंबर 2025 में दोहा में पाकिस्तान ने यू-19 एशिया कप राइजिंग स्टार्स मुकाबले में भारत को 8 विकेट से हराया था — लेकिन वह जीत भी इस बात का संकेत थी कि भारत के खिलाफ उनकी लगातार हार के बाद वे एक बार फिर अपना स्वाभिमान वापस लेना चाहते थे।

पिछले चार महीने का रिकॉर्ड: भारत की अहम बढ़त

सितंबर 2025 के बाद से, भारत और पाकिस्तान के युवा टीमों के बीच हुए सभी आधिकारिक मुकाबलों में भारत 4-1 से आगे है। इसमें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एशिया कप के दौरान भारत की जीत और अक्टूबर 2025 में कोलंबो में महिला विश्व कप में भारत की जीत भी शामिल है। लेकिन यह बात ध्यान देने वाली है कि भारत के युवा खिलाड़ियों के बीच अब एक नया नेतृत्व उभर रहा है — जैसे कि अयुष महात्रे की तेज़ बल्लेबाजी या कनिष्क चौहान की गेंदबाजी। वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ियों का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अच्छा प्रदर्शन भी इस बात का संकेत है कि भारत की युवा टीमें अब बस ताकत नहीं, बल्कि तकनीक और जुनून से भी भरी हैं।

अगला चरण: सेमीफाइनल की राह

इस जीत के साथ भारत ग्रुप ए में स्पष्ट शीर्ष पर पहुँच गया है। अब वे अगले चरण के लिए तैयार हैं — जहाँ वे ग्रुप बी के शीर्ष टीम के सामने आएंगे। यह मैच सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि एक संदेश था: भारत के युवा खिलाड़ी अब बस खेल नहीं, बल्कि दबाव के साथ भी खेलना सीख चुके हैं। यही कारण है कि अगले दो हफ्तों में इस टूर्नामेंट का फाइनल देखने वाले हर क्रिकेट प्रेमी के लिए यह टीम एक अहम नज़र बन गई है।

पिछले दो दिनों की यादें: एक रिकॉर्ड के बाद एक रिकॉर्ड

इस जीत से ठीक दो दिन पहले, भारत युवा ने यूएई के खिलाफ 433/6 का रिकॉर्ड बनाया था — जो अब यू-19 एशिया कप का सबसे बड़ा टीम स्कोर है। उस रिकॉर्ड के पीछे था वैभव सूर्यवंशी, जिसने अभी दिसंबर में स्याद मुश्ताक अली ट्रॉफी में 108 रनों की अपराजित पारी खेली थी। लेकिन इस बार उन्हें पाकिस्तान के खिलाफ केवल 5 रनों पर आउट कर दिया गया। यही खेल की अनिश्चितता है। लेकिन यह भी सच है कि भारत के लिए एक खिलाड़ी की कमी को दूसरे खिलाड़ियों ने पूरा कर दिया।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस जीत ने भारत युवा टीम के लिए क्या महत्व रखता है?

इस जीत से भारत युवा टीम ग्रुप ए में शीर्ष पर पहुँच गई है और सेमीफाइनल के लिए सीधा क्वालिफाई कर चुकी है। इससे पहले भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ चार मैच जीते थे — यह जीत उनकी लगातार अधिकारिक प्राधिकरण में बढ़त को मजबूत करती है। इसके साथ ही, यह दर्शाता है कि भारत के युवा खिलाड़ी दबाव के बीच भी अपनी टीम के लिए जिम्मेदारी निभा सकते हैं।

पाकिस्तान युवा टीम क्यों इतनी कमजोर रही?

पाकिस्तान की बल्लेबाजी ने शुरुआती ओवरों में ही अपनी बाजी खो दी। उनके ओपनर्स जल्दी आउट हो गए, और बाकी बल्लेबाजों ने रन बनाने के बजाय बचाव पर ध्यान दिया। भारत के गेंदबाजों ने बाहरी गेंदों पर बहुत सटीक लाइन और लेंथ बनाई, जिससे पाकिस्तानी बल्लेबाज बाहर की गेंदों पर बल्ला लगाने में असमर्थ रहे। रन रेट जब 7 से ऊपर चला गया, तो उनकी नियोजित रणनीति टूट गई।

क्या भारत के युवा टीम के खिलाड़ियों में भविष्य के स्टार हैं?

बिल्कुल। Aaron George और Kanishk Chouhan ने बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में शानदार प्रदर्शन किया। Ayush Mhatre जैसे कप्तान ने दबाव में भी तेज़ रन बनाए। ये सब भविष्य के टीम इंडिया के लिए बहुत अहम नाम हैं। अगर ये खिलाड़ी अगले दो सालों में बने रहे, तो भारत की टीम 2028 विश्व कप तक एक शक्तिशाली इकाई बन सकती है।

क्या इस मैच में कोई विवाद या विवादास्पद घटना हुई?

हाँ — खेल के बाद दोनों टीमों के बीच कोई हाथ मिलाने का दृश्य नहीं था। यह एक अनौपचारिक रूप से अस्वीकार्य बात है, लेकिन इसके पीछे भारत-पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चल रही भावनात्मक तनाव है। ऐसे मैचों में खिलाड़ियों को खेल के बाद एक दूसरे को सम्मान देना चाहिए — यह खेल का मूल सिद्धांत है।

अगला मैच कब होगा और किसके खिलाफ?

भारत युवा अगले चरण में ग्रुप बी के शीर्ष टीम के सामने आएगी, जो अभी तक अज्ञात है। लेकिन यह निश्चित है कि वे फाइनल की ओर बढ़ रहे हैं। अगर वे अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी की इसी गति को बनाए रखते हैं, तो उनके लिए टूर्नामेंट जीतना आसान हो सकता है। अगले मैच की तारीख अभी घोषित नहीं हुई है, लेकिन अगले हफ्ते तक आने की उम्मीद है।

टिप्पणि (15)

  1. nithin shetty
    nithin shetty

    ये मैच तो बस एक जीत नहीं, बल्कि एक संदेश था। भारत के युवा खिलाड़ियों ने दिखाया कि दबाव में भी खेल सकते हैं। अयुष की बल्लेबाजी, कनिष्क की गेंदबाजी - ये लोग भविष्य के टीम इंडिया के आधार हैं।

  2. Aman kumar singh
    Aman kumar singh

    भाई ये जीत सिर्फ क्रिकेट की नहीं, हमारी आत्मा की जीत है। पाकिस्तान वालों ने हाथ नहीं मिलाया? ठीक है, हम उनके लिए रोएंगे नहीं, हम अपने बच्चों के लिए जीतेंगे। ये टीम देश का गर्व है।

  3. UMESH joshi
    UMESH joshi

    मैच के बाद का दृश्य दिल दुखाता है। खेल का मूल सिद्धांत है सम्मान - चाहे जीते हों या हारे। लेकिन इस जीत के बाद भारत के युवा खिलाड़ियों ने जो दिखाया, वो उस सिद्धांत को बरकरार रखता है। वो खेले, वो जीते, और वो अपना काम किया। बाकी बातें बाहर की हैं।

  4. pradeep raj
    pradeep raj

    इस मैच में एक महत्वपूर्ण डायनामिक्स थी - भारत की बल्लेबाजी का आक्रामक फ़ोकस, जो एक नियोजित स्ट्रैटेजी के अंतर्गत आता था, जिसमें ओपनिंग पैर्टनरशिप के जरिए फास्ट स्टार्ट और मिडल ऑर्डर के लिए स्कोरिंग रेट को स्थिर रखने का उद्देश्य था। यह एक बहुत ही एडवांस्ड टेक्निकल अप्रोच था, जिसमें बैट्समैन्स ने बॉल के लेंथ और लाइन के प्रति अत्यधिक संवेदनशीलता दिखाई। वैभव सूर्यवंशी के रिकॉर्ड के बाद भी इस टीम ने अपने अंदर की गहराई दिखाई - जो दर्शाता है कि टीम इंडिया यू-19 का फाउंडेशन अब सिर्फ टैलेंट पर नहीं, बल्कि सिस्टम पर बन रहा है।

  5. M Ganesan
    M Ganesan

    ये सब फेक है। ये मैच फिक्स्ड था। पाकिस्तान ने जानबूझकर हार दी। क्यों? क्योंकि वो भारत के सामने जीतने के बाद अपने देश में विरोध नहीं चाहते। अब ये सब भावनाओं का खेल है - तुम जीत गए, अब भारत का नारा लगाओ।

  6. Vraj Shah
    Vraj Shah

    कनिष्क ने तो पहली गेंद पर ही ओपनर को आउट किया! ये लड़का तो बस बहुत बढ़िया है। भाई ये टीम तो अगले वर्ल्ड कप जीत लेगी।

  7. Arjun Kumar
    Arjun Kumar

    अरे ये तो सिर्फ यू-19 है। जब तक वो टीम इंडिया में नहीं आते, तब तक ये सब बस एक शो है। पाकिस्तान वाले भी अपना काम कर रहे थे - बस अच्छा खेल नहीं दे पाए।

  8. RAJA SONAR
    RAJA SONAR

    भारत जीत गया तो गले लगे पाकिस्तान ने हाथ नहीं बढ़ाया तो अब ये राजनीति हो गई वो भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर। अब तो लोग इसे बॉलीवुड मूवी बनाएंगे - नाम क्या होगा? ‘हाथ न बढ़ाया’

  9. Mukesh Kumar
    Mukesh Kumar

    इतना शानदार खेल देखा है कि आज रात सोने का मन नहीं कर रहा। ये लड़के हमारे लिए गर्व की बात हैं। देश के लिए खेलो, दिल से खेलो - ये टीम तो ऐसा ही कर रही है।

  10. Shraddhaa Dwivedi
    Shraddhaa Dwivedi

    मैच के बाद का दृश्य दिल को छू गया। लेकिन इसके पीछे की भावनाएँ भी हैं - जिन्हें हम नजरअंदाज नहीं कर सकते। खेल के बाद हाथ मिलाना जरूरी है। ये बस एक छोटा सा सम्मान है।

  11. Govind Vishwakarma
    Govind Vishwakarma

    अयुष का 38 रन 25 गेंदों में? ये तो बहुत कम है। वैभव ने 171 रन क्यों नहीं बनाए? इस टीम में कोई बड़ा बल्लेबाज नहीं है। और गेंदबाजी? दोनों ने तीन-तीन विकेट लिए - बस एक बार नहीं, हर बार। ये टीम बस भाग्यशाली है।

  12. Jamal Baksh
    Jamal Baksh

    इस जीत के माध्यम से हम एक नए युग की शुरुआत देख रहे हैं - जहाँ खेल का महत्व राष्ट्रीय भावनाओं से अधिक हो गया है। यह एक ऐसा अवसर है जिसे हम सामाजिक एकता के लिए उपयोग कर सकते हैं। खेल के माध्यम से दोनों देशों के युवाओं के बीच संवाद का निर्माण किया जा सकता है।

  13. Bhoopendra Dandotiya
    Bhoopendra Dandotiya

    पाकिस्तान के खिलाफ जीत का मजा ही कुछ और है। लेकिन ये जीत बस एक शुरुआत है। अगले मैच में भी ये लड़के ऐसा ही खेलेंगे - जैसे बादलों के बीच सूरज निकले। वैभव ने एक बार रिकॉर्ड बनाया, अब ये टीम उसे दोहरा रही है।

  14. Firoz Shaikh
    Firoz Shaikh

    इस विजय का तात्पर्य केवल खेल के क्षेत्र में नहीं, बल्कि युवा पीढ़ी के अंदर निर्मित हो रही नैतिक और नैतिक दृढ़ता को दर्शाता है। एक नियोजित रणनीति, अच्छी तरह से तैयार खिलाड़ी, और एक अदम्य इच्छाशक्ति - ये तीनों घटक एक साथ आए हैं। यह भारतीय क्रिकेट के लिए एक निर्णायक बिंदु है।

  15. Uma ML
    Uma ML

    इतना जोर से जीत का जश्न मनाना बेकार है। पाकिस्तान ने तो बस अच्छा खेल नहीं दिया। भारत के खिलाफ जीतने के लिए तो उन्हें अपनी बल्लेबाजी बदलनी पड़ेगी। अयुष के 38 रन? बच्चों की बात है। ये टीम तो बस भाग्य से चल रही है।

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