अगर आप अफ़ग़ानिस्तान के हालिया विकासों को समझना चाहते हैं तो ये पेज आपके लिए बना है। यहाँ हम रोज‑रोज़ के मुख्य मुद्दे, सरकार की नई घोषणा और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएँ एक ही जगह पर पेश करेंगे। पढ़ते‑पढ़ते आप जान पाएँगे कि काबुल में क्या नया चल रहा है और पड़ोसी देशों को इसपर कैसे असर पड़ता है।
टालिबान ने पिछले साल के चुनावों को स्थगित करने के बाद कई नीतियों में बदलाव किया है। अब उन्होंने महिलाओं की शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं पर कुछ राहत देने का वादा किया है, लेकिन असली असर अभी भी साफ़ नहीं दिखा। काबुल में नई शैक्षिक संस्थाएँ खुल रही हैं, फिर भी सुरक्षा कारणों से कई छात्र घर से पढ़ाई कर रहे हैं।
दूसरी ओर, पाकिस्तान और ईरान के साथ सीमा पर बार‑बार झड़पें हो रही हैं। दोनों देशों ने अफ़ग़ान सरकार को अधिक पारदर्शी बनाने की मांग रखी है, जबकि टालिबान का कहना है कि वे अपने अधिकारों की रक्षा में व्यस्त हैं। इस तनाव ने व्यापार मार्गों को प्रभावित किया और स्थानीय बाजारों में सामान की कीमतें बढ़ गईं।
अफ़ग़ानिस्तान की अर्थव्यवस्था अभी भी ध्वस्त हालत में है। अंतरराष्ट्रीय दान पर निर्भरता बहुत बढ़ी हुई है, लेकिन कई NGO भी सुरक्षा कारणों से अपने प्रोजेक्ट्स को स्थगित कर रहे हैं। किसान अब सूखे और बाढ़ दोनों के बीच फँस गये हैं; खेती का क्षेत्र लगातार घट रहा है जिससे ग्रामीण आय पर बड़ा असर पड़ रहा है।
शहरों में युवा बेरोज़गारियों की संख्या बढ़ी है, इसलिए कई लोग भारत या यूरोप में रोजगार खोजते दिख रहे हैं। सोशल मीडिया पर अफ़ग़ान युवाओं ने नई स्टार्ट‑अप्स और ऑनलाइन शिक्षा के पहलुओं को लेकर चर्चा शुरू कर दी है, जिससे उम्मीद जगी है कि डिजिटल साक्षरता से कुछ बदलाव आएगा।
सुरक्षा की बात करें तो काबुल में अभी भी बम विस्फोट और लक्षित हमले होते रहते हैं। सुरक्षा बलों ने कई बार चेतावनी जारी की है कि नागरिकों को सार्वजनिक स्थानों पर सतर्क रहना चाहिए। फिर भी, दैनिक जीवन में लोग बाजार‑गली में काम करते हुए सामान्य दिनचर्या नहीं छोड़ते।
अंत में यह कहेंगे कि अफ़ग़ानिस्तान का भविष्य अभी अनिश्चित है, लेकिन हर नई घोषणा या अंतरराष्ट्रीय पहल एक कदम आगे बढ़ने की संभावना रखती है। अगर आप इस देश के विकास को नज़र में रखना चाहते हैं तो रॉयल खबरें पर रोज‑रोज़ अपडेट देखना न भूलें।
दक्षिण अफ्रीका ने शारजाह में तीसरे वनडे में अफगानिस्तान को सात विकेट से हराकर श्रृंखला में सफाया होने से बचाया। एiden Markram के नाबाद 69 रन दक्षिण अफ्रीका की जीत की नींव बने, जिन्होंने ट्रिस्टन स्टब्स के साथ 90 रन की साझेदारी की। अफगानिस्तान के रहमनुल्लाह गुरबाज ने 89 रनों की शानदार पारी खेली, लेकिन टीम 169 रन पर ढेर हो गई।