देश में चुनाव का मौसम फिर से आया है और हर घर में चर्चा चल रही है। लोग पूछते हैं – अगले चुनाव के लिए सबसे जरूरी जानकारी कौन‑सी है? इस लेख में हम वही बात बताएँगे जो आपके लिए असली काम की होगी: तारीखें, वोटर आईडी, मतदान प्रक्रिया और कुछ आसान टिप्स ताकि आपका वोट सही तरीके से गिने।
सबसे पहले देखें कि चुनाव कब है। 2025 के लिए केंद्रीय एवं राज्य स्तर पर अलग‑अलग शेड्यूल जारी हो चुका है। मतदान दिवस आमतौर पर रविवार को रखा जाता है, ताकि काम‑काज वाले लोग भी भाग ले सकें। आपके पास अभी दो महीने हैं – यानी आप वोटर लिस्ट में अपना नाम चेक कर सकते हैं और अगर कोई गड़बड़ी है तो तुरंत सुधारवा सकते हैं।
वोटर आईडी का प्रूफ़ अपलोड करना, मोबाइल नंबर अपडेट करना या नई पहचान पत्र बनवाना बहुत आसान हो गया है। ऑनलाइन पोर्टल पर जाएँ, अपना एडहॉक संख्या डालें और स्क्रीन पर दिखाए गए निर्देशों को फॉलो करें। अगर आपका नाम नहीं मिला तो नजदीकी चुनाव आयोग ऑफिस में जाकर तुरंत दर्ज करवाएँ – देर न करने से बाद में समस्या होगी।
मतदान स्थल पर पहुँचते ही अपना फोटो‑आईडी और वोटर कार्ड साथ रखें, क्योंकि दोनों की जाँच अनिवार्य है। सुरक्षा गार्ड आपका बैग नहीं खोलेंगे, बस एक बार हल्का स्क्रीनिंग हो सकता है – इसलिए कोई बड़े पैकेज न लेकर आएँ। पोलिंग बूथ में लाइन लगने पर धैर्य रखें, चुनाव अधिकारी आपको क्रम में बुलाएंगे।
बैलट पेपर का इस्तेमाल करते समय याद रखें: पहले अपनी पसंदीदा पार्टी या उम्मीदवार के पास जाएँ, फिर उंगली से सही बॉक्स को चिन्हित करें। अगर गलती हो गई तो तुरंत काउंटर पर जाकर बताएं, क्योंकि दोबारा बदलना नहीं मिलेगा। वोट डालने के बाद आप ‘वोटेड’ का स्टिकर प्राप्त करेंगे – यह आपका प्रमाण है कि आपने मतदान कर दिया।
अब बात करते हैं कुछ उपयोगी टिप्स की जो आपके वोट को प्रभावशाली बनाते हैं। पहले तो अपने इलाके में प्रमुख मुद्दों को समझें – सड़क, पानी, शिक्षा या रोजगार। फिर उन उम्मीदवारों के रिकॉर्ड देखें जिन्होंने इन समस्याओं को हल करने का वादा किया है और पिछले काम का ट्रैक रेकॉर्ड कैसा रहा।
अगर आप पहली बार वोट दे रहे हैं तो परिवार या दोस्तों से मदद ले सकते हैं। कई बार बूथ पर जानकारी की कमी से लोग उलझन में पड़ जाते हैं, इसलिए एक भरोसेमंद साथी के साथ जाना बेहतर रहेगा। याद रखें, आपका वोट ही लोकतंत्र को चलाता है, इसलिए इसे गंभीरता से लेना चाहिए।
अंत में यही कहा जा सकता है कि चुनाव सिर्फ बड़े नेताओं का खेल नहीं है, हर मतदाता की आवाज़ मायने रखती है। चाहे आप शहरी हों या ग्रामीण, आपकी भागीदारी से ही देश की दिशा तय होती है। तो देर न करें – वोटर लिस्ट चेक करिए, सही पहचान पत्र तैयार रखें और मतदान दिवस पर अपने अधिकार को प्रयोग में लाएँ।
दक्षिण अफ्रीका की मई 29 चुनावों में राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने 'टिंटस्वालो' नामक काल्पनिक चरित्र के जरिए एएनसी सरकार की प्रगति को उजागर किया। हालांकि, एएनसी ने केवल 40.18 प्रतिशत वोट प्राप्त किए। भ्रष्टाचार, बेरोजगारी, और खराब सेवा वितरण की वजह से एएनसी को व्यापक असंतोष का सामना करना पड़ा, जिससे मतदाता विपक्षी पार्टियों की ओर झुक गए।