हर साल हम कई धार्मिक त्यौहार मनाते हैं जो सिर्फ पूजा नहीं, बल्कि परिवार और समाज को जोड़ते हैं। आप भी शायद इनकी तारीखों या रिवाज़ों को लेकर कभी‑कभी उलझन में होते होंगे। तो चलिए, इस लेख में सबसे बड़े हिन्दू उत्सवों के बारे में आसान भाषा में बात करते हैं।
सबसे पहले देखें साल भर के प्रमुख त्योहार:
इनकी तारीखें हर साल पंचांग पर निर्भर करती हैं, इसलिए आप अपने मोबाइल कैलेंडर या स्थानीय पंडित से सही जानकारी ले सकते हैं।
हर त्यौहार की अपनी रीति‑रिवाज़ होती है जो क्षेत्र‑अनुसार थोड़ा बदलती है, पर कुछ सामान्य बाते सभी में मिलती हैं:
इन रिवाज़ों को अपनाते समय सबसे ज़रूरी चीज़ है सुरक्षा: अगर आप दीपक जलाते हैं तो धुआँ नहीं बनना चाहिए, होली में रंग सुरक्षित रखें और मिठाइयों को उचित मात्रा में खाएँ।
अब बात करते हैं कुछ कम‑जाने वाले त्यौहारों की जो भी उतने ही दिलचस्प होते हैं:
इनका मतलब सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक विरासत भी है। इसलिए आप इनको समझकर अपने जीवन में नई ऊर्जा ला सकते हैं।
अंत में एक छोटा टिप: अगर आपके पास समय कम है तो ऑनलाइन पंचांग ऐप से तिथियां देख लें और स्थानीय मंदिर की सूचना बोर्ड पर रिवाज़ों की जानकारी पढ़ें। इससे सब कुछ आसान हो जाएगा।
तो अब जब आप अगले हिंदू त्यौहार के लिए तैयार हों, तो इस गाइड को याद रखें – साफ़ सफ़ाई, सही तारीख, मिठाइयों का आनंद और परिवार‑दोस्तों के साथ खुशियों भरा समय। रॉयल खबरें आपके लिये हर तिथि और रिवाज़ अपडेट रखता है, ताकि आप कभी भी छुट न जाएँ।
जगन्नाथ रथ यात्रा उत्सव पुरी, भारत में हर साल हिंदू कैलेंडर के अनुसार आषाढ़ महीने की शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। इस साल, यह त्योहार 53 वर्षों में एक बार होने वाले एक दुर्लभ खगोलीय संरेखण के कारण विशेष है। यह उत्सव जगन्नाथ मंदिर से गुंडीचा मंदिर तक भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के वार्षिक यात्रा को चिन्हित करता है।