जब हम बिजली के बिल देखते हैं तो अक्सर सोचते हैं कि इसका स्रोत कौन-सा है। अगर आप कहें कि यह सूरज, हवा या पानी से आती है, तो कई लोग आश्चर्य करेंगे. नवीकरणीय ऊर्जा वही शक्ति है जो बिना खत्म हुए बार‑बार इस्तेमाल हो सकती है. इसका मतलब है कम कार्बन, साफ हवा और दीर्घकालिक बचत.
सबसे पहला स्रोत है सौर ऊर्जा. छोटे घरों में सोलर पैनल लगाकर आप खुद अपनी बिजली बना सकते हैं. एक 5 kW सिस्टम से औसत परिवार की मासिक बिल आधी तक घट सकती है. दूसरा है पवन ऊर्जा. ग्रामीण इलाकों में टर्बाइन लगाए जाते हैं और तेज़ हवा को सीधे विद्युत में बदला जाता है. भारत के कई समुद्री तट पर बड़े पवन फार्म चल रहे हैं, जिससे लाखों घरों को शक्ति मिल रही है.
तीसरा स्रोत जल ऊर्जा है – छोटे स्तर पर जलधारा से टर्बाइन लगाकर या बड़े बांधों में पानी की ऊँचाई का उपयोग करके. ये सभी विकल्प कार्बन उत्सर्जन घटाते हैं और स्थानीय रोजगार भी पैदा करते हैं.
सरकार ने 2030 तक 450 GW नवीकरणीय क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है. इसका मतलब है नई कंपनियों को निवेश के लिए कई प्रोत्साहन मिलेंगे – टैक्स रिवेट, सब्सिडी और आसान परमिट प्रक्रिया. अगर आप किसान हैं तो सोलर पैनल लगाकर अतिरिक्त बिजली ग्रिड में बेच सकते हैं, जिससे आय बढ़ेगी.
शहरी क्षेत्रों में भी छतों पर सौर पैनल लगाना अब आम बात बन रही है. कई एपीए (APC) कंपनियां किफायती दरों पर इंस्टॉलेशन कर देती हैं और पेमेंट को बिल के साथ जोड़ देती हैं, जिससे शुरुआत का खर्च कम हो जाता है.
पवन ऊर्जा में भी छोटे-छोटे उद्यमियों के लिए अवसर है. अगर आपके खेत या खुली जगह पर लगातार हवा चलती है तो आप टर्बाइन स्थापित कर सकते हैं और उससे मिलने वाली बिजली को स्थानीय ग्रिड में जोड़ सकते हैं.
जल शक्ति का उपयोग करने के लिए गांवों में छोटे जलविद्युत परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं. ये प्रोजेक्ट न सिर्फ बिजली देते हैं बल्कि जल संरक्षण भी करते हैं क्योंकि पानी को रीसायकल किया जाता है.
अगर आप अभी शुरुआत करना चाहते हैं तो सबसे आसान कदम है अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगवाना. एक विश्वसनीय इंस्टॉलर खोजें, सरकारी पोर्टल पर सब्सिडी के लिए आवेदन करें और बिल में बचत देखना शुरू करें.
नवीकरणीय ऊर्जा सिर्फ पर्यावरण का फायदा नहीं है, बल्कि आपके खर्चे घटाने, रोजगार बनाने और देश की ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने में मदद करती है. इसलिए देर न करके आज ही इस साफ शक्ति को अपनाएँ.
एसीएमई सोलर होल्डिंग्स 2,900 करोड़ रुपये के आईपीओ के साथ बाजार में आ रहा है। निवेशकों को 6 नवंबर से 8 नवंबर, 2024 तक निवेश का मौका मिलेगा। प्रति शेयर मूल्य 275 से 289 रुपये निर्धारित है। इस आईपीओ के जरिए जुटाई गई राशि का उपयोग कंपनी बकाया उधारी की अदायगी तथा सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी।