अगर आप स्टॉक या बाजार की ताज़ा जानकारी चाहते हैं तो सही जगह पर आए हैं। यहाँ हम उन खबरों को सरल शब्दों में बताते हैं जो आपके निवेश निर्णय को सीधे असर डाल सकती हैं। चाहे आप बड़े शेयरधारक हों या अभी‑ही शुरुआत कर रहे हों, ये अपडेट आपकी मदद करेंगे।
पिछले हफ़्ते गैस कंपनियों में बड़ी गिरावट देखी गई। एमजीएल और आईजीएल के शेयर 18% तक नीचे चले गए क्योंकि केंद्र ने एपीएम गैस आवंटन घटा दिया। इससे कंपनी को महँगी गैस खरीदनी पड़ेगी, जिससे लाभ पर दबाव बन सकता है। इसी तरह, एशियन पेंट्स की कीमतें भी कमजोर तिमाही परिणामों के कारण गिरीं, जबकि डिक्सन टेक ने मजबूत आय दिखाने के बाद भी 9% से अधिक गिरावट झेली। ये संकेत देते हैं कि केवल कंपनी की कमाई नहीं, बल्कि बाजार की उम्मीदें और नीतियों का असर भी बड़ा है।
निफ़्टी में बड़ी गिरावट आई, क्योंकि 30‑दिन की औसत (30‑DMA) से नीचे फिसल गया था। वैश्विक आर्थिक मंदी के डर ने सभी सेक्टर को प्रभावित किया, खासकर रियल एस्टेट और मेटल इंडेक्स को। Nasdaq भी इसी तरह गिरी, जिससे निवेशकों में चिंता बढ़ी। इन तकनीकी संकेतकों पर नज़र रखें – अगर लगातार नीचे जा रहा है तो सावधानी बरतनी चाहिए।
बाजार की अस्थिरता को देखते हुए, पोर्टफोलियो में विविधता लाना जरूरी है। गैस या पेंट जैसी एक ही सेक्टर पर पूरी तरह निर्भर न रहें; ऊर्जा, टेक और उपभोक्ता वस्तुओं का मिश्रण रखें। साथ ही, कंपनी के वित्तीय स्वास्थ्य को देखना न भूलें – जैसे टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने Q1 में शुद्ध लाभ बढ़ाया, जबकि डिक्सन टेक की आय मजबूत थी पर शेयर गिरा। ऐसे मामलों में दीर्घकालीन दृष्टिकोण अपनाएं और छोटी‑छोटी कीमतों के हिसाब से नहीं, बल्कि कंपनी के मूलभूत कारणों से निर्णय लें।
यदि आप बोनस शेयर या बायबैक जैसी कॉर्पोरेट कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहे हैं तो कंपनी के बोर्ड मीटिंग कैलेंडर को नोट करें। उदाहरण के लिए, विप्रो का बोर्ड 17 अक्टूबर को बोनस शेयर पर चर्चा करेगा – इससे शेयर कीमत में हल्की उछाल हो सकता है। ऐसी घटनाएँ अक्सर अल्पकालिक ट्रेडिंग अवसर देती हैं, लेकिन पहले पूरी जानकारी पढ़ें।
अंत में, किसी भी निवेश निर्णय से पहले खुद रिसर्च करें या वित्तीय सलाहकार की राय लें। खबरें तेज़ी से बदलती हैं और कभी‑कभी एक छोटी सी नीति बदलाव बड़े असर कर सकता है – जैसे एपीएम गैस आवंटन में कटौती ने एमजीएल को प्रभावित किया। इन बातों को याद रखकर आप जोखिम कम कर सकते हैं और बेहतर रिटर्न की संभावना बढ़ा सकते हैं।
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महनगर गैस (MGL) और इंद्रप्रस्थ गैस (IGL) के शेयर में 18% तक की गिरावट हुई है क्योंकि केंद्र सरकार ने इन कंपनियों के लिए घरेलू गैस के एडमिनिस्ट्रेटेड प्राइस मैकेनिज्म (APM) आवंटन को कम करने का फैसला किया है। इस फैसले से इन कंपनियों की लाभप्रदता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना है। कंपनियों को APM गैस की कमी की पूर्ति के लिए उच्च दर पर गैस खरीदनी पड़ेगी। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, इन कंपनियों को CNG की कीमतों में वृद्धि करनी होगी।
एशियन पेंट्स के शेयरों में सोमवार को लगभग 9% की तेज गिरावट दर्ज की गई, जिसका मुख्य कारण कंपनी के कमजोर तिमाही परिणामों का आगमन था। कंपनी की बिक्री पर कमजोर उपभोक्ता मांग, खराब मौसम, और ऊँचे कच्चे माल के लागत ने बुरा प्रभाव डाला। कंपनी के सीईओ अमित सिंघल ने इन चुनौतीपूर्ण समय से उबरने की उम्मीद जताई।
एसीएमई सोलर होल्डिंग्स 2,900 करोड़ रुपये के आईपीओ के साथ बाजार में आ रहा है। निवेशकों को 6 नवंबर से 8 नवंबर, 2024 तक निवेश का मौका मिलेगा। प्रति शेयर मूल्य 275 से 289 रुपये निर्धारित है। इस आईपीओ के जरिए जुटाई गई राशि का उपयोग कंपनी बकाया उधारी की अदायगी तथा सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी।
डिक्सन टेक्नोलॉजीज के शेयर मूल्य में 9% से अधिक की गिरावट आई, भले ही कंपनी ने मजबूत दूसरी तिमाही की आय की रिपोर्ट की। कंपनी के मुख्य वित्तीय अधिकारी सौरभ गुप्ता ने कहा कि डिक्सन टेक एक अच्छी बैलेंस शीट पर बैठी है, जो उनके शेयर मूल्य में कमी के साथ विपरीत दिखती है। यह गिरावट यह सुझाव देती है कि बाजार की उम्मीदें या अन्य कारक इसके पीछे कारण हो सकते हैं।
विप्रो लिमिटेड के निदेशक मंडल आगामी बोर्ड बैठक में बोनस शेयर मुद्दे पर विचार करेगा। यह बैठक 17 अक्टूबर, 2024 को आयोजित होगी। इस अधिसूचना की सूचना 13 अक्टूबर को शेयर बाजारों में दी गई थी। इसी बैठक में कंपनी अपने दूसरी तिमाही के परिणामों की घोषणा भी करेगी।
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) ने वित्तीय वर्ष 2024 की दूसरी तिमाही के नतीजे घोषित किए, जिसमें मुनाफा ₹11,342 करोड़ हुआ, जो पिछले साल के मुकाबले 9% की वृद्धि है। कंपनी का समेकित राजस्व ₹59,692 करोड़ था, जो कि अनुमानित ₹60,160 करोड़ से कम था। कंपनी ने ₹17,000 करोड़ के शेयर बायबैक को भी मंजूरी दी। टीसीएस ने मजबूत डील्स की गति को देखते हुए दीर्घकालिक वृद्धि की संभावना व्यक्त की।
भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) के पूर्व अध्यक्ष अनिल अंबानी और 24 अन्य इकाइयों को 5 वर्षों के लिए प्रतिभूति बाजार से प्रतिबंधित कर दिया है। इस कार्रवाई का कारण RHFL से संबंधित धनराशि के गैरकानूनी स्थानांतरण में इनकी संलिप्तता है।
SEBI की प्रमुख माधबी पुरी बुच ने हिंडनबर्ग रिसर्च द्वारा लगाए गए आरोपों पर विस्तृत उत्तर दिया है। बुच और उनके पति पर विदेशी फंड में छुपे हुए हिस्सेदारी के आरोप लगाए गए थे। बुच ने इन आरोपों को 'निराधार' और 'सत्य से परे' बताया।
Nifty सूचकांक में भारी गिरावट देखने को मिली, जो उसके 30-दिन के मूविंग औसत (30-DMA) से नीचे फिसल गया। इस गिरावट का मुख्य कारण कमजोर वैश्विक भावनाएं थीं, खासकर अमेरिका के निराशाजनक आर्थिक डेटा के कारण। सभी 16 सेक्टोरल इंडेक्स में गिरावट आई, जिसमें Nifty Realty और Nifty Metal सबसे ज़्यादा प्रभावित हुए।
2 अगस्त, 2024 को Nasdaq Composite ने एक बड़ी गिरावट दर्ज की, जिससे आर्थिक मंदी के संकेत बढ़ गए। 2.43% की इस गिरावट का मुख्य कारण विभिन्न आर्थिक संकेतकों द्वारा मंदी की आशंका थी। सबसे महत्वपूर्ण संकेतक, Sahm नियम, ने भी मंदी की आशंका को बल दिया है। यह लेख इस महत्वपूर्ण सुधार की और इसके बाज़ार पर पड़ने वाले प्रभावों की जानकारी देगा।
Sanstar के शेयरों की कीमत ने 19% उछाल मारकर 126.5 रुपये पर पहुँच गई। बीएसई पर शेयरों की लिस्टिंग 106.4 रुपये पर हुई थी, जो अपेक्षाओं से कम थी। IPO की भारी सफलता और कंपनी की वित्तीय प्रगति को देखते हुए, विशेषज्ञों ने निवेशकों को क्या करना चाहिए इस पर विचार साझा किया है।
सेंसेक्स और निफ्टी ने 23 जुलाई, 2024 को उतार-चढ़ाव भरे सत्र के बाद मामूली गिरावट के साथ समाप्ति की। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 2024-25 का बजट पेश करने के बाद बाजार में हलचल रही। कुछ प्रमुख शेयरों में तेजी, जबकि कुछ में गिरावट देखी गई।